अब क्या इस ज़माने के, तमाम जख्मों का जिक्र करे
बात ये है कि अब घर में भी कौन है जो आपकी फिक्र करे
रोज़ जीना भी तो एक अहसान ही तो है इन दिनों वरना,
कौन शख्स है जो सुकून से जी रहा आजकल
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अब क्या इस ज़माने के, तमाम जख्मों का जिक्र करे
बात ये है कि अब घर में भी कौन है जो आपकी फिक्र करे
रोज़ जीना भी तो एक अहसान ही तो है इन दिनों वरना,
कौन शख्स है जो सुकून से जी रहा आजकल
इश्क़ हो या तलब, बार बार जताना अच्छा नही
जो सब समझ ले इक बार में, ऐसा शख्स नही कहीं
जहां बार बार का किस्सा हो, वहां ताल्लुकातों को जरा खींचिए
ज्यादा उचित है वहां तमाम खामोशी को अपना लिजिए
“तुम्हें गैरों से कब फुर्सत,
हम अपने गम से कब खाली?जब हम कुछ भी नही करते तो भी रहता है इंतज़ार
इंतज़ार जिसकी संभावनाएं हर पल और रोज़ है
इंतज़ार जो एक तरह से ओढ़े रखता है तमाम उम्मीदों को
इंतज़ार जो हर शख्स के जीवन में मिलता है रोज़ ही
अक्सर इंतज़ार का मिजाज़ रंगीन ही नही होता सदा
कभी कभी यह बेहद मुगालते में रख जाता है हमे
जब खत्म होता है तो फिर से शुरू होता है इंतज़ार
उन सिलसिलों से सरोकार है इंतज़ार का जो चलते रहते है अनवरत
लेकिन इक इंतज़ार के सिवा कोई साथी नही जहां में
कैसे लोग अरसा गुजारते है इंतज़ार में अक्सर
जरूर इसकी तासीर सुकूं भरी होती है शायद
और अंत में इंतज़ार तो रह ही जायेगा
🖊️🙏✒️
आज जब बैठा था थोड़ा सुस्ताने दिन के दूसरे पहर में,
यकायक स्मरण हो आई पिछले महीने की छोटी सी हार
फिर जज्बातों को कुछ यूं हौसला दिया कि उस हार ने आखिर मेरी तहरीर ए ज़िंदगी कितनी बढ़ा दी, अब यकीं हो चला कि
हो चाहे जो भी हार तो कतई मेरे मुक्कदर में न होगी
एक दिन नागरी के मान्य अंको में जबर आहट होगी
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इन रातों को कोई कहे की चुपचाप गुजर जाए
अब हर रोज़ ख्वाहिश के कफन पे नींद तो नहीं आयेगी
ये अलग बात है जिनकी तहरीर हमसे नाज़ुक थी वो सुकून से ख्वाबों में है 🖊️🖊️
@लिखें अपना 🙏
ये लोग जिनको तू अपना समझ रहा है, डुबोके रख देंगे आबरू ए तह तेरी
एक बार मिन्नतों की बागडोर इनको संभला के तो देख
@💯🖊️
झूठी तारीफें, तोहफ़े, ओहदे सब नकाबपोशी के काबिल है लेकिन दिली बात ये है कि हम इनके नाकाबिल है कुछ उम्र अब यूं गुजार के देखेंगे कि नाकाबिलियत में हमारे हक में कौन कौन शामिल है 🙏🖊️🥰
@प्रथम पोस्ट 🎁
नमस्कार, प्रिय साथियों मैंने हिंदी में नया ब्लॉग शुरू किया है जहां पर नवीन कविताएं और शायरी, जो नितांत मौलिक होंगी पोस्ट करने का मानस बनाया है, तमाम मित्रों से अनुरोध है ब्लॉग को अधिक से अधिक आशीर्वाद दे
मुझे आशा और भरोसा है आपको उपलब्ध कंटेंट आपके अमूल्य समय को सहेजने वाला होगा..... आभार 🙏🤝
आखिर सहना ही तो है..... फिर चाहे रिश्ते हो.. चाहे करियर हो.... चाहे उम्मीद..... फिर तो होना यह चाहिए..... कि एक नई दुनिया बनाई जाए..... जिन...